Gurudevo Bhavh
इस कहानी का सम्बन्ध बिहार में मोतीहारी के नजदीक एक ग्राम मिसरौली से है | घटना वास्तविक है पर पात्रों और स्थानों के नाम बदल दिये गये हैं | इन्जीनियर श्री कान्त मिश्र से सम्बन्धित इस कहानी को उन्हीं के...
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यौवन पार से ---------------------आज यौवन पार से विश्राम ने मुझको पुकाराओ प्रमंजन ठहर सम्मुख खड़ा सीमा द्वार तेरा |तोड़ता चलता रहा तू है सभी युग -मान्यतायेंभ्रान्ति के कितनें घरौंदे तोड़कर तूने ढहायेरूढ़ि...
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नागफनी लो कथा सुनाता हूँमन व्यथा सुनाता हूँआजादी के गत बावन वर्षों की कथा सुनाता हूँथा पाँच बरस का जबनेहरू जी आये थेघर को गोबर से लीप पोततब माँ नें दिये जलाये थेमैदान मदरसे का जोउसमेँ जुड़ी भीड़ फिर...
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बदलते परिवेश ( गतांक से आगे )धुँधलकों का संसार वार्धक्य की विरासत होती है ,कभी लगता है धुंधलका साफ़ हो रहा है| तो अगले ही क्षण ऐसा लगने लगता है कि विस्मृति की एक गहरी परत यादों को स्पष्ट नहीं होने...
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हर ऋतु का एक श्रंगार होता है । वह श्रंगार हमें मोहक लगे या भयावह ऋतु का इससे कोई सम्बन्ध नहीं होता । प्रकृति की गतिमयता अवाध्य रूप से प्रवाहित होती रहती है । ब्रम्हाण्ड में तिल जैसा आकार न पाने वाली...
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अर्थव्यवस्था नयी द्रष्टि से मैंने कौटिल्य का अर्थशास्त्र तो नहीं पढ़ा पर भारत के इस समय के बड़े समझे जाने वाले अर्थशास्त्रियों के कथनों पर काफी सोचा विचारा है। महान सम्राट चन्द्रगुप्त के...
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कबीरी अबीर रमिया का बापू छिदम्मी धीमर होली की पहली दिन की शाम को काफी चिन्तित हो उठा । चिन्ता का कोई ख़ास कारण न था पर उसनें सोलहवें वर्ष में पैर रख रही रमिया को पड़ोस के हलवाई नत्थन के मझले लड़के...
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होले की हूलहोली है होला है ,नीचे की सड़क पर ।विकट वेष तरुणों के होठों परचुनी हुई गालियाँ हैंचरस और सिगरेट से उठता हुआधुएँ का गोला है ...होला है ....होली तिहत्तरवीं वर्षगाँठ स्वतंत्रता की।नेता लोग...
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होली उल्लास________________होली आयी होली आयीराधा लिये अबीर डोलतीछिपते फिरते कृष्ण कन्हाईहोली आयी होली आयी |गर्मी ने ललकार लगायीसर्दी डर भागी पहाड़ परदादी की हट गयी रजाईहोली आयी होली आयी |पीली ,नीली ,...
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काल का अजगर काल का अजगरआज अर्ध रात्रि में केंचुल की परतें उतारेगानयी साज सज्जा लेनयी शक्ति संचय करहिंसा -दबोच मेंशांत मृग छौनें कोघेर बाँधतोड़ मोड़ डालेगा |आँखों में जल रहेमारक सम्मोहन सेद्रष्टि- बद्ध...
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आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें | _______________________________________ हर प्रभात होली बन जाये | हर संध्या दीवाली || हर धमनी में...
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बुढ़ापे की ललकार शाम को या यों कहो शाम होने के आसार होते ही मेरा मन भ्रमण के लिये मचल उठता है | प्रातः ऊषा पूर्व घूम आने का सुख स्वास्थ्य सुधार के साथ भी जोड़ दिया गया है इसलिये...
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अबूझा समाधानपपीता लेकर संकट मोचन मन्दिर के पास वाली गली से घर की ओर वापस आ रहा था | मन्दिर के पास मझोले कद के एक मजदूर से लगने वाले नवयुवक ने मास्टर जी कहकर नमस्ते किया | मैं ठीक से नहीं जानता...
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प्रवक्ता की नियुक्ति महानगर दिल्ली में मोटर गाड़ी से भरी सड़कें और कान सुन्न कर देने वाला घोर कोलाहल पैदल चलने वालों के लिए मानसिक यन्त्रणा का कारण बन जाता है | पर दिल्ली...
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निर्मम सत्य उमर के साथ स्मृति पर पड़ा हुआ धुधंलका गहराता जाता है | काफी पहले की बात है मैं उस समय गाँव के मिडिल स्कूल में आठवीं का विद्यार्थी रहा हूँगा | दीवाली के आस -पास...
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मांटो स्मृति एक सुबह जब मास्टर कन्हैया लाल घूम कर वापस आये तो उनके पीछे -पीछे एक देशी -विदेशी कुत्ते का पिल्ला भी घर में घुस आया | मास्टर कन्हैया लाल की पत्नी हेमलता ने उसे...
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पुनर्व्याख्या प्रयास नथ्थू का लड़का शंटू आखिर तीसरी बार 10 वीं की परीक्षा पास ही कर गया | नथ्थू की पत्नी शंटू की माँ गुलाबो मुहल्ले भर में घूम -घूम कर बता आयी कि...
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संस्कृत से दूध जलेबी तक पण्डित दीना नाथ ने संस्कृत साहित्य में डाक्टरेट की | सौभाग्य से उसी समय उ ० प्र ० के रायबरेली के फिरोजगांधी महाविद्यालय में संस्कृत प्रवक्ता की एक पोस्ट...
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ताऊ की पराजय ताऊ मुरलीधर और ताई रुक्मणी देवी की भी अपनी तरह की जिन्दगी जीनें की एक निराली कहानी है | अस्सी वर्ष के मुरलीधर जी 20 वर्ष पहले बिजली महकमें से एस ० डी ० ओ ०...
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गोरी न्याय व्यवस्था का मिथक कई वयोवृद्ध लोगों को यह कहते हुये सुना जाता है कि अंग्रेजी राज्य में न्याय की व्यवस्था आज की व्यवस्था के मुकाबले में कहीं अधिक बेहतर थी | उनका कहना...
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